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छठ गीत

जय छठी मईया

छठी माई के बरतिया
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भोजपुरी (Bhojpuri)नहाय-खाय (पहला दिन)वर्ष 2024

छठी माई के बरतिया

गायक: नीलकमल सिंह व शिल्पी राज

एल्बम: Chhathi Maiya Ke Baratiya • अवधि: 04:18 मिनट • सुने गए: 11.2M

पारंपरिक छठ गीत के बोल (Lyrics in Hindi)

छठी माई के बरतिया करब हम नियम से, घाटे जलइब दीप सुरुज देव के प्रेम से... सूप सजल बा फलवा से, दउरा सजवले बानी मन से...

गीत का महत्व एवं छठ पूजा संदर्भ (Cultural Significance)

छठ महापर्व में लोकगीतों का स्थान केवल मनोरंजन का नहीं, बल्कि व्रती और संपूर्ण परिवार के समर्पण का माध्यम है। “छठी माई के बरतिया” गीत विशेष रूप से नहाय-खाय (पहला दिन) के पावन अवसर पर घाटों पर श्रद्धापूर्वक गाया और सुना जाता है।

इस गीत में भगवान भास्कर (सूर्य देव) एवं छठी मईया की असीम कृपा, संतानों के कल्याण, परिवार की सुख-शांति एवं अखंड सौभाग्य की कामना की गई है। गायिका/गायक नीलकमल सिंह व शिल्पी राज की भक्ति-भाव से परिपूर्ण गायकी पूर्वांचल एवं बिहार के पारंपरिक छठ घाटों का सजीव वातावरण प्रस्तुत करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)

प्रश्न: “छठी माई के बरतिया” के मुख्य गायक कौन हैं?

उत्तर: इस लोकप्रिय छठ लोकगीत को सुप्रसिद्ध लोक कलाकार नीलकमल सिंह व शिल्पी राज द्वारा गाया गया है।

प्रश्न: यह छठ गीत किस बोली/भाषा में है?

उत्तर: यह गीत भोजपुरी (Bhojpuri) में पारंपरिक लोकधुनों के साथ रचा गया है।

प्रश्न: क्या छठ गीत प्लेटफॉर्म पर यह गीत बिना विज्ञापन सुन सकते हैं?

उत्तर: हाँ, छठ गीत (chhathgeet.online) पर सभी भक्ति लोकगीत 100% विज्ञापन-मुक्त एवं निःशुल्क उच्च गुणवत्ता ऑडियो में उपलब्ध हैं।

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