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छठ गीत

जय छठी मईया

मगही (Magahi)नहाय-खाय (पहला दिन)वर्ष 2016

पहिले पहिल हम कईनी

गायक: मालिनी अवस्थी

एल्बम: Pahile Pahil Chhathi Maiya • अवधि: 06:12 मिनट • सुने गए: 9.5M

पारंपरिक छठ गीत के बोल (Lyrics in Hindi)

पहिले पहिल हम कईनी छठी मईया व्रत तोहार। करिहा क्षमा छठी मईया भूल-चूक गलती हमार... सभवा में बइठल दीनानाथ सुन लीं अरज हमार!

गीत का महत्व एवं छठ पूजा संदर्भ (Cultural Significance)

छठ महापर्व में लोकगीतों का स्थान केवल मनोरंजन का नहीं, बल्कि व्रती और संपूर्ण परिवार के समर्पण का माध्यम है। “पहिले पहिल हम कईनी” गीत विशेष रूप से नहाय-खाय (पहला दिन) के पावन अवसर पर घाटों पर श्रद्धापूर्वक गाया और सुना जाता है।

इस गीत में भगवान भास्कर (सूर्य देव) एवं छठी मईया की असीम कृपा, संतानों के कल्याण, परिवार की सुख-शांति एवं अखंड सौभाग्य की कामना की गई है। गायिका/गायक मालिनी अवस्थी की भक्ति-भाव से परिपूर्ण गायकी पूर्वांचल एवं बिहार के पारंपरिक छठ घाटों का सजीव वातावरण प्रस्तुत करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)

प्रश्न: “पहिले पहिल हम कईनी” के मुख्य गायक कौन हैं?

उत्तर: इस लोकप्रिय छठ लोकगीत को सुप्रसिद्ध लोक कलाकार मालिनी अवस्थी द्वारा गाया गया है।

प्रश्न: यह छठ गीत किस बोली/भाषा में है?

उत्तर: यह गीत मगही (Magahi) में पारंपरिक लोकधुनों के साथ रचा गया है।

प्रश्न: क्या छठ गीत प्लेटफॉर्म पर यह गीत बिना विज्ञापन सुन सकते हैं?

उत्तर: हाँ, छठ गीत (chhathgeet.online) पर सभी भक्ति लोकगीत 100% विज्ञापन-मुक्त एवं निःशुल्क उच्च गुणवत्ता ऑडियो में उपलब्ध हैं।

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छठ महापर्व 2026 तिथियां

13 नवंबर से 16 नवंबर 2026 तक पावन अर्घ्य समय एवं मुहूर्त देखें।

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