कांच ही बांस के बहंगिया
गायक: स्वरकोकिला शारदा सिन्हा
एल्बम: Kaanch Hi Baans Ke Bahangiya • अवधि: 05:42 मिनट • सुने गए: 14.2M
पारंपरिक छठ गीत के बोल (Lyrics in Hindi)
गीत का महत्व एवं छठ पूजा संदर्भ (Cultural Significance)
छठ महापर्व में लोकगीतों का स्थान केवल मनोरंजन का नहीं, बल्कि व्रती और संपूर्ण परिवार के समर्पण का माध्यम है। “कांच ही बांस के बहंगिया” गीत विशेष रूप से संध्या अर्घ्य (तीसरा दिन) के पावन अवसर पर घाटों पर श्रद्धापूर्वक गाया और सुना जाता है।
इस गीत में भगवान भास्कर (सूर्य देव) एवं छठी मईया की असीम कृपा, संतानों के कल्याण, परिवार की सुख-शांति एवं अखंड सौभाग्य की कामना की गई है। गायिका/गायक स्वरकोकिला शारदा सिन्हा की भक्ति-भाव से परिपूर्ण गायकी पूर्वांचल एवं बिहार के पारंपरिक छठ घाटों का सजीव वातावरण प्रस्तुत करती है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)
प्रश्न: “कांच ही बांस के बहंगिया” के मुख्य गायक कौन हैं?
उत्तर: इस लोकप्रिय छठ लोकगीत को सुप्रसिद्ध लोक कलाकार स्वरकोकिला शारदा सिन्हा द्वारा गाया गया है।
प्रश्न: यह छठ गीत किस बोली/भाषा में है?
उत्तर: यह गीत भोजपुरी (Bhojpuri) में पारंपरिक लोकधुनों के साथ रचा गया है।
प्रश्न: क्या छठ गीत प्लेटफॉर्म पर यह गीत बिना विज्ञापन सुन सकते हैं?
उत्तर: हाँ, छठ गीत (chhathgeet.online) पर सभी भक्ति लोकगीत 100% विज्ञापन-मुक्त एवं निःशुल्क उच्च गुणवत्ता ऑडियो में उपलब्ध हैं।
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