छठ गीत Logo

छठ गीत

जय छठी मईया

भोजपुरी छठ गीत (आरा के घाट)
उच्च गुणवत्ता ऑडियो (High Quality 160kbps Direct Stream)

इस गीत को सम्पूर्ण रूप से सुनने के लिए ऊपर दिए गए प्ले बटन पर क्लिक करें।

भोजपुरी (Bhojpuri)संध्या अर्घ्य (तीसरा दिन)वर्ष 2022

भोजपुरी छठ गीत (आरा के घाट)

गायक: खेसारी लाल यादव, शिल्पी राज

एल्बम: Bhojpuri Chhath Geet 2022 • अवधि: 04:52 मिनट • सुने गए: 16.5M

पारंपरिक छठ गीत के बोल (Lyrics in Hindi)

भोजपुरी छठ गीत (आरा के घाट) छठ महापर्व का अत्यंत पावन और भावुक लोकगीत है जिसे खेसारी लाल यादव, शिल्पी राज ने अपनी सुमधुर वाणी से अमर कर दिया है।

(इस गीत के सम्पूर्ण बोल जल्द ही यहाँ अद्यतन किए जा रहे हैं। आप ऊपर दिए गए प्लेयर से इस गीत का पूर्ण आनंद ले सकते हैं।)

गीत का महत्व एवं छठ पूजा संदर्भ (Cultural Significance)

छठ महापर्व में लोकगीतों का स्थान केवल मनोरंजन का नहीं, बल्कि व्रती और संपूर्ण परिवार के समर्पण का माध्यम है। “भोजपुरी छठ गीत (आरा के घाट)” गीत विशेष रूप से संध्या अर्घ्य (तीसरा दिन) के पावन अवसर पर घाटों पर श्रद्धापूर्वक गाया और सुना जाता है।

इस गीत में भगवान भास्कर (सूर्य देव) एवं छठी मईया की असीम कृपा, संतानों के कल्याण, परिवार की सुख-शांति एवं अखंड सौभाग्य की कामना की गई है। गायिका/गायक खेसारी लाल यादव, शिल्पी राज की भक्ति-भाव से परिपूर्ण गायकी पूर्वांचल एवं बिहार के पारंपरिक छठ घाटों का सजीव वातावरण प्रस्तुत करती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (Frequently Asked Questions)

प्रश्न: “भोजपुरी छठ गीत (आरा के घाट)” के मुख्य गायक कौन हैं?

उत्तर: इस लोकप्रिय छठ लोकगीत को सुप्रसिद्ध लोक कलाकार खेसारी लाल यादव, शिल्पी राज द्वारा गाया गया है।

प्रश्न: यह छठ गीत किस बोली/भाषा में है?

उत्तर: यह गीत भोजपुरी (Bhojpuri) में पारंपरिक लोकधुनों के साथ रचा गया है।

प्रश्न: क्या छठ गीत प्लेटफॉर्म पर यह गीत बिना विज्ञापन सुन सकते हैं?

उत्तर: हाँ, छठ गीत (chhathgeet.online) पर सभी भक्ति लोकगीत 100% विज्ञापन-मुक्त एवं निःशुल्क उच्च गुणवत्ता ऑडियो में उपलब्ध हैं।

अन्य पावन छठ लोकगीत

कांच ही बांस के बहंगिया
कांच ही बांस के बहंगिया

स्वरकोकिला शारदा सिन्हा

05:42
पहिले पहिल हम कईनी
पहिले पहिल हम कईनी

मालिनी अवस्थी

06:12
नहाय खाय के दिनवा
नहाय खाय के दिनवा

सोनाली सृष्टि

04:18

छठ महापर्व 2026 तिथियां

13 नवंबर से 16 नवंबर 2026 तक पावन अर्घ्य समय एवं मुहूर्त देखें।

अर्घ्य मुहूर्त टाइमर देखें